डेयरी सहकारी समितियों से बदल रही गांवों की तस्वीर, दूध बेचकर किसानों को मिल रही सही कीमत और बढ़ रही आय
देश के गांवों में डेयरी सहकारी समितियां किसानों के लिए नई उम्मीद बन रही हैं. पशुपालन और डेयरी विभाग मंत्रालय के अनुसार, किसान मिलकर दूध इकट्ठा करते हैं, उसकी जांच और बिक्री करते हैं, जिससे उन्हें सही कीमत मिलती है. इस व्यवस्था से छोटे किसानों की आय बढ़ रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है.
गरुड़ एयरोस्पेस ने एयरबस हेलीकॉप्टर के साथ किया समझौता, फ्लेक्सरोटर ड्रोन पर बड़ी डील
फ्लेक्सरोटर एक बहुपयोगी हल्का टैक्टिकल ड्रोन है, जिसे लंबी उड़ान क्षमता और उन्नत सेंसर के साथ काम करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसका अधिकतम टेकऑफ वजन लगभग 25 किलोग्राम (55 पाउंड) है और यह सामान्य ऑपरेशनल सेटअप में 12- 14 घंटे तक मिशन चला सकता है.
थोक में दाम बढ़ने से रिटेल में महंगा हो गया नींबू, 250 रुपये किलो रेट.. जानें ताजा होलसेल रेट
गुंटूर और अहमदाबाद में नींबू की कीमतों में तेजी आई है. तेनाली APMC में 5 मार्च से 10 मार्च तक न्यूनतम और मॉडल कीमतें करीब 300 रुपये बढ़ीं. रिटेल में नींबू 200- 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया. बढ़ी हुई मांग और गर्मी के कारण यह उछाल हुआ है.
बकरी पालन से करना चाहते हैं मोटी कमाई? एक्सपर्ट ने बताई सबसे फायदेमंद नस्लें, दूध और मांस दोनों से होगा मुनाफा
Bakri Palan: ग्रामीण इलाकों में बकरी पालन किसानों के लिए कम लागत में अच्छी कमाई का जरिया बन रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार अगर किसान सही नस्ल का चयन करें और समय पर टीकाकरण व देखभाल करें, तो दूध और मांस दोनों से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. बरबरी और ब्लैक बंगाल नस्ल की बकरियां मांस उत्पादन के लिए काफी लोकप्रिय मानी जाती हैं.